अनूप सराफ और अम्बरीश जालान ने सपत्नीक किया रुद्राभिषेक
जालान परिवार द्वारा लच्छीपुर में रुद्र महायज्ञ के दूसरे दिन विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कोलकाता से आये आचार्य पं. भवेन्द्र पाठक आचार्यत्व में प्रारम्भ हुआ। मुख्य यजमान भगवती जालान जी ने सपत्नीक गणेश-गौरी व पितृ पूजन किया।
यजमान अनूप सराफ, मधु सराफ ने मोद आदि षडविनायक, षोडश मातृका, सप्तघृत मातृका, वास्तु देवता, योगिनी, छेत्रपाल, वरुण देवता, नवग्रह, लिंगतोभद्र, चतुर्वेद, द्वाद्श ज्योतिर्लिंग पूजन पूजन किया।
ततपश्चात अनूप सराफ और अम्बरीश जालान ने सपत्नीक भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया।
रुद्राभिषेक का महत्व बताते हुए आचार्य पं .भवेन्द्र पाठक ने कहाकि शास्त्रों में लिखित है कि ‘शिवः अभिषेक प्रियः’ अर्थात शिव को अभिषेक अति प्रिय है। माना जाता है कि रुद्राभिषेक में सृष्टि की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने की शक्ति है। पुत्र प्राप्ति से लेकर रोग से छुटकारा और आर्थिक संकट से निजात दिलाने में भी रुद्राभिषेक को कारगर माना गया है। बता दें कि मंत्र उच्चारण के साथ जल, दूध, पंचामृत, शहद, गन्ने का रस, घी या गंगाजल से अभिषेक किया जाता है। रुद्राभिषेक में भगवान शिव के रौद्र रूप की पूजा होती है जो सभी बाधाओं और रुकावटों को दूर करता है।
इस अवसर पर विकास जालान, सौरभ जालान, केशव जालान, हर्ष जालान, रामकिशुन, पं. कौशलेंद्र पाठक, शिवेन्द्र पाठक, सुनील पाठक, मन्टू झा, दिगम्बर झा, बबलू झा आदि उपस्थित रहे।
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