उप्र सरकार द्वारा महर्षि वाल्मिकी जयन्ती दिनांक 31 अक्टूबर, 2020 को भव्यता के साथ मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय के अनुसार वाल्मिकी रामायण में निहित मानव मूल्यों, सामाजिक मूल्यों व राष्ट्र मूल्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार व जनमानस को इससे जोड़ने के लिए महर्षि वाल्मिकी से सम्बन्धित स्थलों/मन्दिरों आदि पर दीप प्रज्ज्वलन/दीप दान के साथ अनवरत 08, 12 अथवा 24 घंटे का वाल्मिकी रामायण का पाठ किये जाने का कार्यक्रम निर्धरित किया गया है। साथ ही साथ श्री राम व श्री हनुमान तथा रामायण से सम्बन्धित महत्वपूर्ण स्थलों/मन्दिरों में सुरूचिपूर्ण आयोजन के साथ रामायण पाठ/भजन आदि कार्यक्रम कराये जाने का आग्रह किया गया है।
सुरूचिपूर्ण रामायण पाठ/भजन का आयोजन करने वाली मन्दिर समितियाॅं रामायण पाठ/भजन करने के छायाचित्र/छोटी वीडियो क्लिक के साथ मन्दिर का पूरा पता, फोटो, मन्दिर समिति के अध्यक्ष/पुजारी का मोबाइल नं0 इत्यादि संस्कृति विभाग के नामित नोडल अधिकारी डाॅ. योगेन्द्र प्रताप सिंह, संयुक्त निदेशक, संस्कृति निदेशालय, उप्र लखनऊ के व्हाट्स एप्प नं0 9565915634 एवं ई-मेल आईडी valmikijayanticulture@gmail.com पर भेजेंगे। स्थानीय स्तर पर उप निदेशक, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के व्हाट्स एप्प नं 9456275329 तथा जिला सूचना अधिकारी के व्हाट्स एप्प नं 9453005390 पर भी भेज सकते हैं।
महर्षि वाल्मिकी विश्व के आदि कवि हैं, जिनके द्वारा रचित रामायण विश्व के आदि ग्रन्थ के रूप में आज भी पूजनीय है। जो व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्रीय मूल्यों के निर्माण में वैश्विक स्तर पर मार्गदर्शन का आधार है।
मुख्य सचिव, उप्र शासन द्वारा निर्गत शासनादेश में इस कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर जन प्रतिनिधि भी भव्यता एवं उत्साह के साथ उत्सव के रूप में मनाये जाने के लिए मन्दिर समितियों का खुलकर सहयोग करेंगे। इस आयोजन से सम्बन्धित जानकारियां राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के डाॅ. मनोज कुमार गौतम ने दी। उन्होंने यह भी कहा कि उक्त आयोजन से निश्चित रूप से महर्षि वाल्मिकी द्वारा वर्णित रामायण में राष्ट्र मूल्यों का आमजन अनुश्रवण कर लाभान्वित हो सकेंगे।
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