क्षेत्रधर फुकन के निधन पर जेएफए ने जताया शोक

 


गुवाहाटी। जर्नलिस्ट्स फोरम असम (जेएफए) ने वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया ट्रेड यूनियन लीडर क्षेत्रधर फुकन के देहावसान पर गहरा दुःख जताया है. उनका 29 अक्टूबर को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।


राज्य के मीडिया फोरम ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति की कामना करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि भी जताई है। असम ट्रिब्यून से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत करने वाले श्री फुकन ने मीडिया कर्मियों के कानूनी अधिकारों को मजबूती दिलाने के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।


उन्होंने अनेक वर्षों तक ट्रिब्यून इम्प्लाइज यूनियन का सफल नेतृत्व करने के अलावा समूचे राज्य के समाचार पत्र कर्मियों के लिए आवाज बुलंद की थी।


आजीवन अविवाहित रहे श्री फुकन काफी समय से अनेक रोगों से जूझ रहे थे. वे अपने पीछे अनेक रिश्तेदारों को छोड़ गए हैं।


इस बीच फोरम ने कतिपय मीडिया संस्थानों और कुछ संवाद कर्मियों को कथित तौर पर दी जाने वाली धनराशि की सूची प्रसारित होने को काफी गंभीरता से लिया है। उसने इसे मीडिया की छवि खराब करने की कोशिश बताते हुए राज्य के मीडिया समुदाय से आवाज उठाने का आह्वान किया है।  हालांकि फोरम ने सभी संबंधित मीडिया जनों से अपनी स्थिति मजबूती से स्पष्ट करने का अनुरोध भी किया है। 


गोपनीय होने का दावा करने वाले एक अपुष्ट पेपर में किसी ट्रकर्स एसोसिएशन की तरफ से मासिक धन पाने वालों की सूची दर्शायी है। उसमें कतिपय मीडिया हाउसों के भी नाम बताए जा रहे हैं।


21 अक्टूबर 2020 को तैयार बताई गई इस सूची में गुवाहाटी के एक प्रेस एसोसिएशन सहित कुछ न्यूज चैनलों और समाचार पत्रों का भी उल्लेख है। कुल 39,70,000 रुपये महीने का मीडिया (कछार और मेघालय पुलिस सहित) खर्च बताया गया नंंगा है।


फोरम के अध्यक्ष रूपम बरुवा और सचिव नव ठाकुरिया ने कहा है कि कथित तौर पर क्वाएल(कोल?) ढुलाई के लिए दिखाए जा रहे इस तथाकथित पेपर को लेकर आम लोगों में प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं. हालांकि उक्त पेपर की संपुष्टि नहीं हुई. लेकिन वाट्सएप के कतिपय ग्रुप्स और अन्य सोशलमीडिया पर हर मिनट इसके तेजी से फैलने का अंदेशा है. उन्होंने मुख्य धारा के मीडिया से इस संदर्भ में सामूहिक तौर पर तत्काल प्रतिक्रिया देने का आह्वान किया है।


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