हवन - पूजन के साथ दस लक्षण पर्व संपन्न, कोरोना से मुक्ति के लिए जिनवलम्बियों ने दी आहुति

जिनालय में सुगंध दशमी का पर्व पुरे उत्साह से मनाया गया। इस दौरान श्री जी के दर्शन वंदन के पश्चात धूप खेने की विधि पूर्ण की गई। इसके साथ ही भावना भाई गई की इस धूप के समान हमारे अष्ट कर्मो का भी नाश हो की कामना भी की गई।



गोरखपुर। भाद्र पद शुक्ल दशमी शुक्रवार को दशलक्षण पर्व में उत्तम संयम धर्म का पर्व पर श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, आर्यनगर में जिनालय में सुगंध दशमी का पर्व पुरे उत्साह से मनाया गया।


श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन सोसाइटी के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने बताया कि सत्य के उद्घाटित होने के बाद आत्मा में संयम स्वतः ही जगता है। आज की दशमी, सुगंध दशमी के रूप में मनाये जातीं है। सम्यक प्रकार से (सम) + यम अर्थात नियंत्रण करना वह संयम है। वह संयम जब आत्मा के आश्रय से होने वाले सम्यग्दर्शन के साथ होता है तब “उत्तम संयम धर्म" नाम पाता है। साथ ही पंचेंद्रिय तथा मन के विषयों में आसक्ति को घटाना तथा इसके कारण पंच्चेद्रिय जजीवों की रक्षा होना, वह व्यव्हार से संयम कहलाता है।


उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के संकट को देखते हुए, सभी जिनवलम्बियों ने एक आहुति इस भावना से भी दी, की समस्त संसार से कोरोना व्याधि समाप्त हो। सभी प्राणी स्वस्थ हों। 


इसके साथ ही समस्त वात, पित्त, कफ जनित ज्वररोग, श्वांस रोग, कुक्छि रोग, अक्षि रोग, सिरो रोगों का शमन हो। औदारिक, तेजस व कर्माण तीनों प्रकार के शरीरों से सब स्वस्थ हों।


श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, आर्यनगर में पूरे आस्था व श्रद्धा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत सायंकाल ३ बजे आर्यनगर जिनालय में सुगंध दशमी का पर्व पर किया गया। सबसे पहले श्री जी के दर्शन वंदन के पश्चात धूप खेने की विधि पूर्ण की गई व भावना भाई गई की इस धूप के समान हमारे अष्ट कर्मो का भी नाश हो।


इसमें प्रमुख रूप से पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन सोसाइटी के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन, मंत्री ज्ञानेंद्र जैन, सुशील जैन, बंटी जैन, विक्की जैन, सुधीर जैन, धनेंद्र जैन, सुरेंद्र जैन, महावीर जैन, मनीष जैन, राजीव जैन, विनय जैन, रोहित जैन, पुजारी सुरेश चंद जैन, संध्या जैन, मोना जैन, संगीता जैन, इंदु जैन, अल्पना जैन, प्राची जैन, रिंकी जैन, बीना जैन, पुनीत जैन और राय रविन्द्र जैन आदि उपस्थित रहे।


 


इसी क्रम में नंदन भवन, असुरन व सेठी फ्लोर मिल चरगावं स्थित जिनालय में भी धूप दशमी मनाई गयी। जिसमें मुख्य रूप से पुखराज जैन, बबिता जैन मौजूद रही।


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